अप्रासंगिक आंत सिंड्रोम(IBS)- लक्षण,उपाय | Irrelevant Bowel Syndrome And Its Symptoms

by Wisehealths

Posted on 2019-05-23


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By :Dr. shalini 

अप्रासंगिक आंत् सिंड्रोम (Irrelevant Bowel Syndrome) में रोगी की बड़ी आंत (Intestine) की कार्य प्रणाली प्रभावित होती है अप्रासंगिक आंत सिंड्रोम (I B S) की स्तिथि में आंत की बनावट में कोई फर्क न होते हुए भी रोगी को अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कैंसर रहित बीमारी के मरीजों में इसके लक्षण, घातक (Deadly) और सामान्य दोनों ही तरीकों (Methods) से नजर आ सकते हैं। एक ओर जहां कुछ रोगियों में लक्षण इतने हल्के होते हैं, कि उन्हें पता भी नही चल पाता, वहीं दूसरी ओर कुछ मरीजों को इसमें बहुत सी परेशानियों से गुजरना पड़ता है। यह बीमारी घातक नहीं होती और इलाज द्वारा इसे ठीक भी किया जा सकता हैइस बीमारी का इलाज, इस बात पर निर्भर करता है कि आंत का कौन सा हिस्सा इससे ज्यादा प्रभावित है यह.संकेत.का,कारण है

अप्रासंगिक आंत्र सिंड्रोम ( Irrelevant Bowel Syndrome) के लक्षण

अप्रासंगिक आंत सिंड्रोम (Irrelevant Bowl Syndrome) की समस्या होने पर, इस तरह के लक्षण नजर आते हैं। अप्रासंगिक आंत सिंड्रोम के रोगियों के पेट में दर्द या ऐंठन होना सबसे आम लक्षण होता है। इस बीमारी में व्यक्ति को दस्त या कब्ज आदि की समस्या होती है, जो कम या ज्यादा हो सकती है। और दस्त कई बार रक्त के साथ हो जाते हैं। हालांकि घरेलू उपचार की मदद से इससे आराम मिल जाता है अप्रासंगिक आंत सिंड्रोम  के हालात में कुछ समय के बाद समस्या फिर से शुरू हो जाती है, यदि रोगी के मल (Feces) में रक्त आना शुरू हो जाता है तो इसको IBS (Irrelevant Bowel Syndrome ) कहा जाता है उससे एनीमिया भी हो सकता है। इस समस्या में वजन कम हो जाता है इस बीमारी में मरीज का वजन कम होना बेहद (Extremely ) ही आम होता है।
इस बीमारी के दौरान अगर दस्त की समस्या हो जाये तो शरीर में पानी की कमी की समस्या भी पैदा हो जाती है भूख में कमी,  की समस्या होने पर मरीज को भूख कम लगने लगती है और कभी-कभी तो उसका जी (मन) भी मिचलाने लगता है। कभी, कभी IBS के पीड़ितों को पता हीं नही लगता, कि इसका कारण क्या है और वह अप्रासंगिक आंत्र सिंड्रोम का उपचार सामन्य पेट दर्द समझ कर ही कराते रहते है। कभी-कभी अप्रासंगिक आंत सिंड्रोम (IBS) के मरीज को हल्का या तेज बुखार भी हो जाता है।

अप्रासंगिक आंत्र सिंड्रोम ( Irrelevant Bowel Syndrome) के उपाय

इस बीमारी से होने वाली परेशानियों में दवाएं लेने के बावजूद रोगी को एकदम से राहत नही मिल पाती बल्कि यह बीमारी धीरे-धीरे ठीक होती है। ऐसे में मरीज के लिए यह जरूरी हो जाता है,कि वह दवाओं के साथ-साथ उन चीजों के सेवन की जानकारी भी प्राप्त करे जिनके प्रयोग से फायदा और नुकसान पहुंचता है,
इस प्रकार से नियमित एक्सरसाइज स्वस्थ शरीर और जीवन के लिए एक्सरसाइज बहुत महत्वपूर्ण है।
रोजाना निसंदेह नियमित रूप से एक्सरसाइज करने वाले व्यक्ति बीमार कम पड़ते हैं, लेकिन अगर आप बीमार पड़ गए हैं और ऐसी अवस्था में फिर एक्सरसाइज शुरू कर देते हैं तो भी बीमारी से जल्दी निजात (Abstain) पा सकते हैं।
अप्रासंगिक आंत सिंड्रोम की समस्या में regular एक्सरसाइज करने से पाचन क्रिया के साथ-साथ आंतों की कार्य क्षमता पर भी अच्छा असर पड़ता है।

फाइबर (रेशा) पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में बेहद फायदेमंद होता है। नियमित रूप से फाइबर का प्रयोग करने से पाचन क्रिया ठीक रहती है अप्रासंगिक आंत्र सिंड्रोम (I B S) से होने वाली कब्ज में भी फाइबर महत्वपूर्ण होता है।   फाइबर (रेशा) का उचित मात्रा (decent amount) में प्रयोग करने से कब्ज तथा अन्य रोगो में भी राहत मिलती है। फाइबर आपको ताजे फलों, सब्जियों, सम्पूर्ण अनाज और बींस (Beans) से पर्याप्त मात्रा में मिल सकता है।
 अप्रासंगिक आंत सिंड्रोम ( Irrelevant Bowel Syndrome) से  यदि आपको ज्यादा problem हो रही है तो आप तुरंत  अच्छे  से डॉक्टर से इलाज कराए ।

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