विटामिन डी की कमी के कारण, लक्षण और उपाय Signs & Symptoms Of Vitamin D deficiency

by Wisehealths

Posted on 2019-06-08


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लेखक: डॉ अविरल 

                            à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ डी(Vitamin D) 


विटामिन डी(Vitamin D)  à¤µà¤¸à¤¾-घुलनशील प्रो-हार्मोन का एक समूह होता है। इसके दो प्रमुख रूप हैं: विटामिन D2 (या अर्गोकेलसीफेरोल) एवं विटामिन D3 (या कोलेकेलसीफेरोल)। त्वचा जब धूप के संपर्क में आती है तो शरीर में à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ D à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£ की प्रक्रिया आरंभ होती है। यह मछलियों में भी पाया जाता है। विटामिन D à¤•à¥€ मदद से कैल्शियम को शरीर में बनाए रखने में मदद मिलती है जो हड्डियों की मजबूती के लिए आवशयक  à¤¹à¥‹à¤¤à¤¾ है। इसके अभाव में हड्डियां कमजोर होती हैं  और टूट भी सकती हैं। 
 
विटामिन डी image 





विटामिन D à¤¹à¤®à¤¾à¤°à¥‡  स्वास्थ्य के लिए à¤†à¤µà¤¶à¤¯à¤• à¤¹à¥ˆà¥¤ यह शरीर में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित  करता है, जोकि  तंत्रिका तंत्र की कार्य प्रणाली और हड्डियों की मजबूती के लिए à¤†à¤µà¤¶à¤¯à¤• à¤¹à¥ˆà¥¤ यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को  बढ़ाता है। विटामिन D à¤•à¥‡ लक्षण एकदम उभर कर सामने नहीं आते, इसी वजह से लोगों को समय पर विटामिन D à¤•à¥€ कमी से होने वाले रोगों का पता ही नहीं चल पाता। इसलिए विटामिन D à¤•à¥€ नियमित जांच और विटामिनD à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ भोजन लेना जरूरी है।

 à¤¶à¤°à¥€à¤° को तंदुरूस्त रखने के लिए कैल्शियम और à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤•à¥€ तरह विटामिन à¤­à¥€ अहम भूमिका निभाता है। यह वसा में घुलनशील होता है और हमारी आंतों से कैल्शियम को सोखकर हड्डियों तक पहुंचाने का कार्य करता है। शरीर में इसकी कमी से कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। विटामिन  à¤•à¥€ पूर्ती हाइड्रॉक्सी कोलेस्ट्रॉल(Hydroxy cholesterol) à¤”र अल्ट्रावॉयलेट किरणों (Ultraviolet rays) à¤¸à¥‡ होती है। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थों में भी विटामिन D à¤•à¥€ भरपूर मात्रा पाई जाती है। कई बार तो बहुत से लोग यह समझ भी नहीं पाते कि शरीर में विटामिन D à¤•à¥€ कमी हो रही है। सही समय पर इसके लक्षणों को पहचान कर body में इसकी मात्रा को ठीक किया जा सकता है। 
 à¤†à¤‡à¤ जानें विटामिन à¤•à¥€ कमी होने पर कौन-कौन से संकेत देता है हमारा à¤¶à¤°à¥€à¤°-

लक्षण

 à¤†à¤œ हम आपको बताते  हैं कि शरीर में विटामिन D  à¤•à¥€ कमी होने पर कैसे लक्षण दिखते हैं:-

 1. हड्डियों में दर्द होना।
2. मांशपेशियों में कमजोरी महसूस होना।
3. थकान और कमजोरी महसूस होना।
4. जरुरत से ज्यादा नींद आना।
5. हमेशा डिप्रेशन में होने जैसा महसूस होना। 
6. शरीर की तुलना में सर से अधिक पसीना आना ।
7. बार-बार इन्फेक्शन होना।
8. सांस लेने में दिक्कत होना, आदि।



इन रोगों का रहता है खतरा—

त्वचा का रंग गहरा होना


त्वचा का  रंग à¤—हरा à¤®à¤¿à¤²à¥‡à¤¨à¤¿à¤¨ नामक पिगमेंट के कारण होता है। मिलेनन बहुत अधिक होने के कारण धूप लगने पर त्वचा में विटामिन-डी का निर्माण ठीक से नहीं हो पाता। कुछ शोधकर्ताओ  का मानना है कि बढती उम्र मे गहरे रंग की त्वचा वालों को विटामिन  D à¤•à¥€ कमी की समस्या का सामना अधिक करना पड़ता है 


डायबिटीज


डायबिटीज(मधुमेह) की बड़‌ी वजह à¤®à¥‹à¤Ÿà¤¾à¤ªà¤¾(obesity) à¤¹à¥ˆ यह तो आप जानते हैं लेकिन क्या आपको यह भी पता है कि मोटापे के साथ-साथ विटामिन D à¤•à¥€ कमी भी इस रोग के लिए प्रमुख कारणों  à¤®à¥‡à¤‚ से एक है। डायबिटीज केयर जर्नल(Diabetes Care Journal)में प्रकाशित शोध की मानें तो अगर मोटापे और विटामिन D à¤•à¥€ समस्या किसी व्यक्ति को एकसाथ हो तो शरीर में इंसुलिन की मात्रा को असंतुलित करने वाली इस बीमारी के होने का खतरा और भी बढ़ जाता है। 


बच्चों में एनीमिया का खतरा


यदि रक्‍त में विटामिन डी का स्‍तर 30 नैनो ग्राम प्रति मिली(gm/ml ) à¤²à¥€à¤Ÿà¤° से कम है तो ऐसे में बच्‍चे के एनीमिया ग्रस्त  à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡ की आशंका बनी रहती है। डॉक्टर का कहना है कि 30 नैनो ग्राम प्रति मिली लीटर से कम स्‍तर वाले बच्‍चों को सामान्‍य विटामिन D à¤•à¥‡ स्‍तर वाले बच्‍चों की तुलना में दोगुना खतरा ज्‍यादा था। जिन बच्‍चों को एनीमिया होने का खतरा था उनके रक्‍त में विटामिन à¤•à¥€ मात्रा 20 नैनो ग्राम प्रति मिली लीटर पायी गई। इससे पहले भी कई अध्‍ययनों में विटामिन D à¤”र एनीमिया के बीच संबंध पाया जा चुका है। यह भी पता चला कि विटामिन Dकी कमी रेड ब्‍लड सेल के उत्‍पादन पर भी असर डालता है।
विटामिन डी image 

इन आहारों का करें सेवन

1. दूध (milk )


हमें स्वस्थ और फिट रहने के लिए दूध का सेवन प्रतिदिन करना चाहिए| दूध, विटामिन  D का à¤¬à¤¹à¥à¤¤ ही अच्छा स्रोत है एक कप दूध से 21% तक à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨  D à¤®à¤¿à¤²à¤¤à¥€ है|

2. पनीर(cheese)

वैसे तो दूध से बनी हुई हर चीजों में विटामिन  D à¤”र कैल्शियम भरपूर में पाया जाता  à¤¹à¥ˆ इसलिए इनका सेवन हमें प्रतिदिन करना चाहिए à¤œà¤¿à¤¨à¤®à¥‡à¤‚ पनीर भी विटामिन D का एक अच्छा source है|

3. मछली(fish)

मछली में  à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कैल्शियम, फास्फोरस और विटामिन D à¤­à¤°à¤ªà¥‚र मात्रा में होता है| मछलिया  भी à¤•à¤ˆ प्रकार की होती है, लेकिन salmon and tuna कुछ ऐसी मछलियां हैं जिनमें विटामिन D भरपूर मात्रा में पाया जाता है|


4.. गाजर(carrot)

विटामिन D à¤•à¥€ कमी को पूरा करने के लिए गाजर भी एक अच्छा source है| गाजर खाने से या गाजर का जूस पीने से शरीर में खून की कमी à¤•à¥€ पूर्ति होती है| गाजर खून की कमी को भी पूरा करता है क्योंकि इसके अंदर विटामिन A  à¤”र विटामिन B भी होते हैं| इसलिए प्रतिदिन à¤—ाजर का सेवन करना चाहिए| आप इसे कच्चा à¤–ा सकते हैं या फिर  à¤œà¥‚स निकाल कर  à¤ªà¥€ सकते हैं|

5. अंडा(Egg)

अंडा, प्रोटीन, कैल्शियम, और विटामिन डी का एक अच्छा स्रोत है| अंडे का सफेद भाग प्रोटीन से भरपूर होता है और इस का पीला भाग à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ D और वसा(fat) से भरपूर होता है| विटामिन D à¤•à¥€ कमी को पूरा करने के लिए अपने खाने में अंडे का भी  इस्तेमाल कर सकते हैं|

6. मशरूम(mushroom)

मशरूम, विटामिन à¤•à¤¾ बहुत ही अच्छा स्रोत है| मशरूम के अंदर विटामिन D à¤•à¥‡ साथ-साथ और भी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो स्वास्थ्य à¤•à¥‡ लिए लाभदायक होते हैं| इसके अंदर कैलोरी बहुत कम होती है लेकिन vitamin  का यह एक अच्छा स्त्रोत  à¤¹à¥ˆ|


7 . अनाज(Grain)

अनाज(गेहूं, चावल, बाजरा, मकई इत्यादि) में भरपूर मात्रा में विटामिन के साथ-साथ अन्य पोषक तत्व à¤®à¥Œà¤œà¥‚द होते हैं| अनाज का सेवन तो à¤¹à¤® अपने खाने में करते ही हैं जिसके माध्यम से हमें विटामिन D à¤•à¤¾ कुछ अंश हर रोज  मिलता रहता है|

8 . दलिया(Oatmeal)
दलिया, गेहूं से ही बनता है| दलिया खाने से विटामिन D à¤•à¥€ कमी पूर्ति होती है| à¤†à¤œà¤•à¤² यहबाजार में आसानी से मिल जाता à¤¹à¥ˆ, जिसे आप à¤–रीद कर  भी बना सकते हैं|

9 . मक्खन(butter)

मक्खन भी दूध से बना हुआ एक product है जो खाने में भी बहुत स्वादिष्ट होता है| लेकिन मक्खन के अंदर saturated fats(संतृप्त वसा) à¤­à¥€ होती है| इसलिए ज्यादा मक्खन खाने से शरीर में fat भी बढ़ सकता है| यदि संतुलित रुप से मक्खन को भोजन में सम्मिलित किया जाए à¤¤à¥‹ यह विटामिन D à¤”र अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है| 

कई बार धूप में बैठने पर भी विटामिन D की कमी पूरी हो जाती है ध्यान रहे की तेज धूप में न बैठे
सुबह निकलती हुई धूप में बैठे , क्योकि तेज धूप स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है |