Heat Stroke:लू लगना यानी उष्माघात:जाने कारण, लक्षण और उपाय

by Wisehealths

Posted on 2019-05-23


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Heat stroke -लू लगना 

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 à¤¹à¥€à¤Ÿ स्ट्रोक यानी लू लगना गर्मी में काफी आम बात है। वक्त रहते अगर उचित कदम न उठाया जाए तो लू, गंभीर समस्या बन सकती है। हीट स्ट्रोक या लू लगने के क्या लक्षण हैं, लू लगने पर क्या करें और क्या न करें, आइए जानते हैं इसके बारे में :-

हीट स्ट्रोक को उष्माघात(लू लगना ) भी कहा जाता है। यह ऐसी अवस्‍था है जिसमें पीड़ित व्यक्ति  के शरीर का तापमान अत्यधिक धूप या गर्मी की वजह से बढ़ने लगता है। मनुष्य के शरीर की बनावट ऐसी होती है जिसमें अत्यधिक गर्मी,  पसीने के रूप में बाहर निकलती रहती है और जिससे शरीर का तापमान ज्यों का त्यों बना रहता है। परन्तु हीट स्ट्रोक की स्थिति में शरीर का  à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤•à¥ƒà¤¤à¤¿à¤•  colling system  à¤¸à¥à¤šà¤¾à¤°à¥‚ रूप से काम करना बंद कर देती है जिसकी वजह से शरीर का तापमान कम नहीं हो पाता जिसके कारण  à¤¶à¤°à¥€à¤° का तापमान बढ़ता ही  जाता है और यदि  à¤¶à¤°à¥€à¤°   à¤•à¥‡  à¤¤à¤¾à¤ªà¤®à¤¾à¤¨ को घरेलू उपचार या डाक्टरी सहायता देकर कम नहीं किया गया तो danger situation  à¤‰à¤¤à¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है ।

मनुष्य के शरीर का तापमान सामान्य अवस्था में  98.6°F  à¤¹à¥‹à¤¨à¤¾ चाहिए। जब मनुष्य का तापमान इसके ऊपर जाने लगता है तो उसे बुखार कहा जाता है। हीट स्ट्रोक होने पर मनुष्य के शरीर का तापमान बढ़ने लगता है, यह आसानी से कम नहीं होता। अगर किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान 100°F  के ऊपर जाने लगे तो घरेलू उपचार से उसके तापमान को कम करना चाहिए लेकिन अगर उसका तापमान कम नहीं हो रहा हो और बढ़ता ही जा रहा हो तो उसे तुरन्त  डॉक्टरी सहायता पहुंचानी चाहिए।

अगर मनुष्य का तापमान 102-103°F à¤•à¥‡ ऊपर जाने लगे तो फिर खतरनाक स्थिति उत्पन्न होने लगती है। इस अवस्था के ऊपर तापमान जाने पर व्यक्ति abnormal  à¤¬à¤¾à¤¤à¥‡à¤‚ करने लगता है, उसके मष्तिष्क में गड़बड़ी उत्पन्न हो सकती है तथा उसकी body का कोई भी part damage  à¤¹à¥‹ सकता  à¤¹à¥ˆà¤‚।


हीट स्ट्रोक के कारण

हीट स्ट्रोक  अत्यधिक गर्मी(high temperature)  या तेज धूप  के कारण होता है। लेकिन इसके  à¤•à¥‡ और भी कई कारण होते हैं, जैसे कि  à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤œà¤²à¥€à¤•à¤°à¤£, थाइरोइड में असंतुलन पैदा होना, शरीर में रक्त शर्करा में कमी आना (ऐसा मधुमेह के मरीजों में होता है), शराब के सेवन से, उच्च रक्तचाप या अवसाद आदि के उपचार में इस्तेमाल ली जाने वाली दवाओं की वजह से भी  हीट स्ट्रोक होता है।
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हीट स्ट्रोक होने  के लक्षण

1. गर्मी के दिनों में  धूप में काम करने पर à¤‰à¤²à¤Ÿà¥€  जैसा मन होना , चक्कर आने लगना या heart beat ज्यादा होना ।
2. रक्त चाप अचानक से कम होना।
3.अचानक से  तेज बुखार हो जाना।


हीट स्ट्रोक à¤¸à¥‡ बचने के उपाय 

1. अधिक  à¤§à¥‚प में न निकलें , अगर   à¤¨à¤¿à¤•à¤²à¤¨à¤¾ जरुरी हो तो निकलते वक़्त छाता लेकर निकले  à¤¯à¤¾ टोपी पहनकर निकले तथा à¤†à¤‚खों पर धूप से बचने वाला चश्मा भी लगा लें ।
2. हीट स्ट्रोक से बचने के लिए यह जरुरी है कि आप निर्जलीकरण की situation  à¤®à¥‡à¤‚ न पहुंच जाएं,  इससे
 à¤¸à¥‡ बचने के लिए जरूरी  à¤¹à¥ˆ कि आप ज्यादा  à¤ªà¤¾à¤¨à¥€ पियें ।
3.  गन्ने का रस  à¤”र  नारियल का पानी  ज्यादा से ज्यादा मात्रा  में à¤ªà¤¿à¤¯à¥‡ क्योंकि यह  à¤—र्मी के दिनों में बहुत लाभकारी  à¤¹à¥‹à¤¤à¤¾  à¤¹à¥ˆ और हीट स्ट्रोक से भी  बचाता है।
4. कच्चे आम का जूस तथा कच्चे आम का गुदा भी  शरीर का तापमान normal रखने के लिये  à¤¬à¤¹à¥à¤¤ ही  à¤ªà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¤•à¤¾à¤°à¥€ माना जाता है ।
5 .गर्मियों में नीम्बू पानी पियें, यह  à¤¶à¤°à¥€à¤° की गर्मी को बाहर निकालता है और साथ ही साथ शरीर को   ठंडक पहुंचाने का कार्य भी करता है और heat stroke से भी बचाता है ।
6. छाछ या दही पीना  भी  à¤¹à¥€à¤Ÿ स्ट्रोक में बहुत लाभकारी  à¤¹à¥‹à¤¤à¤¾ है, क्योकि दही में रोगरोधक क्षमता  अधिक होती है ।
यदि आपको इन सब उपायों से राहत ना मिले तो तुरन्त अच्छे डॉक्टर से इजाज कराये |